जबलपुर :- शुक्रवार को रीवा-नागपुर हाईवे के तिलवारा चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रेक्टर ने चार स्कूली बच्चों को रौंद दिया। इस घटना में दो छात्र की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो छात्र घटना में घायल हो गए थे, जिनका मेडिकल कालेज में इलाज जारी है। इधर घटना के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने भी माना कि हादसे को लेकर कहीं न कहीं हाईवे में बदलाव की स्थिति बन रही है। इसके अलावा सड़क किनारे फैले अतिक्रमण भी दुर्घटना की वजह है। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन और नगर निगम की टीम ने हाईवे किनारे फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान एसडीएम,तहसीलदार और तिलावारा थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद रहे। दरअसल शुक्रवार को रमनगरा गांव में रहने वाले दो छात्र की मौत के बाद से ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। गांव के ग्रामीणों ने ऐलान कर दिया कि रोड नहीं तो वोट नहीं। बता दे कि रमनगरा,दलपतपुर की आबादी करीब 3 हजार से अधिक है। ऐसे में एक साथ ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार की घोषणा के बाद से तुरंत ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी अलर्ट हुए। प्रशासन ने सबसे पहले तिलवारा चौराहे के पास लगी दर्जनों अवैध दुकानों को जेसीबी से हटाया। साथ ही दुकान लगाने वालों को सख्त हिदायत दी कि अगर दोबारा दुकान लगाई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि हाईवे की सर्विस रोड़ से लगे दोनों तरफ बड़ी संख्या में अतिक्रमण फैले हुए है। कहीं न कहीं ये अतिक्रमण भी हादसे की वजह बन रहे है, लिहाजा एक दर्जन से अधिक अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर ये पूरी कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर एनएचएआई के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर अब स्पीड पट्टी और साइन बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहे है।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट


