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September 15, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि से आईएमए प्रमुख के उस बयान को पेश करने को कहा, जिसमें कोर्ट की टिप्पणी को कहा गया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

नई दिल्ली, 30 अप्रैल । सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. आर.वी अशोकन के उस बयान को देखेगी, जिसमें पतंजिल मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण कहा गया है।

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता वाली पीठ को अवगत कराया कि उन्होंने सोमवार को एक मीडिया आउटलेट को दिए गए आईएमए अध्यक्ष अशोकन के “बहुत परेशान करने वाले साक्षात्कार” को देखा। पीठ में न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह भी शामिल थे

रोहतगी ने कहा, “वह (आईएमए अध्यक्ष) कहते हैं कि अदालत ने हम पर उंगली क्यों उठाई, अदालत की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। रोहतगी ने कहा कि यह अदालत की कार्यवाही में सीधा हस्तक्षेप है।”

पीठ ने कहा,“इसे रिकॉर्ड पर लाओ, हम इसेे देखेंगे।”

स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का भी प्रतिनिधित्व कर रहे रोहतगी ने कहा कि वह आईएमए अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना ​​की मांग करते हुए एक आवेदन दायर करेंगे।

वरिष्ठ वकील ने पतंजलि द्वारा प्रकाशित सार्वजनिक माफी वाले समाचार पत्रों के पूरे पृष्ठ को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति मांगी।

मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि क्या पतंजलि की मुद्रित माफी का आकार विज्ञापनों के समान था।

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश एक हलफनामे में, उत्तराखंड सरकार ने कहा कि उसके राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने दवा विज्ञापन कानून के बार-बार उल्लंघन के लिए रामदेव, बालकृष्ण, दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की अनुमति दे दी है और उनके 14 उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस को निलंबित कर दिया है।

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