42.5 C
Jabalpur
April 24, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिकराष्ट्रीय

गुजरात में जमीन आवंटन मामले में अदाणी पोर्ट्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली, 10 जुलाई । अदाणी समूह को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें राज्य सरकार से अदाणी पोर्ट्स और एसईजेड को आवंटित 108 हेक्टेयर जमीन वापस लेने को कहा गया था। जस्टिस बी.आर. गवई और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने ये फैसला सुनाया। गुजरात सरकार द्वारा करीब 108 हेक्टेयर जमीन वापस लेने के खिलाफ अदाणी पोर्ट्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा है। यह जमीन कच्छ जिले में मुंद्रा बंदरगाह के पास स्थित है। मामला 2005 का है, जब अदाणी पोर्ट्स को 108 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। 2010 में जब अदाणी पोर्ट्स ने जमीन पर बाड़ लगाना शुरू किया, तो वहां के नवीनल गांव के लोगों ने हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर दी और अदाणी पोर्ट्स को 231 हेक्टेयर चारागाह भूमि के आवंटन को चुनौती दी। उन्होंने तर्क दिया कि गांव में चारागाह भूमि की कमी है और इस आवंटन से उनके पास केवल 45 एकड़ भूमि ही बचेगी। 2014 में, राज्य सरकार द्वारा यह कहने के बाद कि चारागाह के लिए 387 हेक्टेयर सरकारी भूमि देने का आदेश दिया गया है, कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया। फिर 2015 में, राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में एक रिव्यू पिटीशन दायर की और कोर्ट से कहा कि ग्राम पंचायत को आवंटित करने के लिए केवल 17 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध थी। इसने प्रस्ताव दिया कि वह शेष भूमि यहां से लगभग 7 किलोमीटर दूर आवंटित कर सकती है। ग्रामीणों ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मवेशियों के चरने के लिए यह बहुत दूर है। इस साल अप्रैल में, कोर्ट ने एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से समाधान निकालने को कहा। अधिकारी ने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने 2005 में अदाणी पोर्ट्स को आवंटित की गई लगभग 108 हेक्टेयर भूमि अब वापस लेने का फैसला किया है।

अन्य ख़बरें

‘आप’ को ‘जोर का झटका’, इन सांसदों ने किया पार्टी छोड़ने का ऐलान, राघव चड्ढा ने गिनाए नाम

Newsdesk

केरल हाईकोर्ट ने त्रिशूर पूरम से पहले हाथियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

Newsdesk

झारखंड के खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा और धनबाद में 1,249 करोड़ की लागत से बनेंगे मेडिकल कॉलेज

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading