November 3, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

सिवनी में बाघ के हमले से दो महिलाओं की मौत, कई गांवों में दहशत

करीब तीन घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर हमले; ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग ने लोगों से जंगल और आसपास अकेले न जाने की अपील की

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों हमले रविवार, 14 जून 2026 को करीब तीन घंटे के अंतराल में अलग-अलग स्थानों पर हुए। घटनाओं के बाद आसपास के गांवों में दहशत और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।

पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना सुबह करीब 11:30 बजे MPFDC के बरघाट डिवीजन के बहरई रेंज अंतर्गत मऊ चंडिया पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां खेत में काम कर रही 45 वर्षीय शेवबती मार्सकोले पर बाघ ने हमला कर दिया और उन्हें जंगल की ओर खींच ले गया। दूसरी घटना दोपहर करीब 1 बजे कुरई वन परिक्षेत्र के गोरखपुर बीट के जमरापानी सर्किल में हुई, जहां 55 वर्षीय शांति बाई कुमरे को बाघ ने मार डाला।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार दो घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां बढ़ रही थीं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। सूचना के बाद वन विभाग, वन विकास निगम, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।

घटना के बाद वन विभाग अलर्ट पर है और ग्रामीणों से जंगल तथा उसके आसपास के इलाकों में अकेले न जाने की अपील की गई है। यह मामला मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती गंभीरता को सामने लाता है, जहां जंगल से लगे गांवों में खेत, मवेशी और रोजमर्रा की आवाजाही भी जोखिम से घिर जाती है। प्रशासन के लिए अब चुनौती केवल बाघ की निगरानी नहीं, बल्कि ग्रामीणों में भरोसा बहाल करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी है।

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