23.5 C
Jabalpur
September 12, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

रेटिंग एजेंसी ने बजट को सराहा, बताया – ‘राजकोषीय समेकन से क्रेडिट प्रोफाइल पर होगा सकारात्मक असर’

नई दिल्ली, 25 जुलाई । ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने आम बजट 2024-25 को सराहा है और सरकार की राजकोषीय समेकन के लिए प्रतिबद्धता की तारीफ की है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बजट को क्रेडिट पॉजिटिव बताया है। अपने बयान में मूडीज ने कहा कि बजट में सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल खर्च में से करीब 23 प्रतिशत राशि आवंटित की है, जो कि नीतियों में निरंतरता दर्शाता है। वहीं, ब्याज भुगतान कुल खर्च का 24 प्रतिशत से कम है। इस हिसाब से पूरा बजट क्रेडिट पॉजिटिव है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.9 प्रतिशत रखा है, जो कि अंतरिम बजट में निर्धारित किए गए 5.1 प्रतिशत से कम है। इस गति से वित्त वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.5 प्रतिशत करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि बजट में सरकार की राजकोषीय समेकन जारी रखने की प्रतिबद्धता दिखी। वहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर में पूंजीगत निवेश के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो दिखाता है कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने पर है, जिससे देश के विकास की गति को तेज रखा जा सके। रेटिंग एजेंसी ने आगे कहा कि विदेशी कंपनियों पर टैक्स कम करने से भारत में रोजगार सृजन करने और निवेश में मदद मिलेगी। फिच रेटिंग ने अपने बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 का बजट सरकार द्वारा राजकोषीय घाटा कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही पूंजीगत निवेश का भी पूरा ध्यान रखा गया है। फिच ने आगे कहा कि राजकोषीय समेकन से भारत का डेट रेश्यो मध्यम अवधि में नीचे जाएगा और यह भारत की क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करेगा।

अन्य ख़बरें

वैश्विक तनाव के बीच ब्रिक्स की अहमियत बढ़ी, रिटायर्ड कमोडोर बोले- पीएम मोदी जैसे निर्विवाद नेता कर रहे अध्यक्षता

Newsdesk

‘दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान यूपीआई से हो रहे हैं’, ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोले पीएम मोदी

Newsdesk

दुनिया की जीडीपी में ब्रिक्स देशों का 40 प्रतिशत योगदान, पुतिन ने दिल्ली से दिखाई वर्ल्ड को ताकत

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading