July 26, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने की रिवर लिंकिंग की शुरुआत, यूरिया पर 2100 रुपए सब्सिडी की सौगात: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 2 अगस्त। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नदियों को जोड़ने की मुहिम पर चर्चा की है। इस विषय पर शुक्रवार को राज्यसभा में उन्होंने कहा कि सबसे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने रिवर लिंकिंग की शुरुआत नर्मदा नदी के पानी से की। नर्मदा नदी के पानी को कई नदियों में प्रवाहित करके उन्होंने जो नदियां समाप्त हो गई थी, उन्हें जीवित करने का काम किया। शिवराज सिंह चौहान ने सदन में मौजूद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का नाम लेते हुए कहा कि जब रिवर लिंकिंग की बात आई, तो कहां गया कि क्या नर्मदा जी को शिप्रा नदी से जोड़ा जा सकता है। शिवराज सिंह ने कहा कि सामने से (दिग्विजय सिंह की ओर से) उत्तर आया कि यह असंभव है। लेकिन हमने कहा कि असंभव शब्द हमारे शब्दकोश में नहीं है, और हमने तय किया कि नर्मदा जी के पानी को शिप्रा में ले जाएंगे, और ले जाकर दिखा दिया। उन्होंने कहा, “नर्मदा नदी को कई अन्य नदियों से जोड़ने का काम हुआ। आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन और बेतवा नदी को जोड़ने के प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दे दी गई है। 30 लाख एकड़ जमीन पर सिंचाई है। कृषि मंत्री ने कहा कि पहले बाणसागर बांध जैसे अनेकों प्रोजेक्ट वर्षों तक पूरे नहीं हुए। कृषि मंत्री का कहना था ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि खेती, किसानी तब की सरकार में प्राथमिकता पर नहीं थे। लेकिन आज हम गर्व से कहते हैं, एक नहीं अनेक सिंचाई की योजनाएं हैं, जिन पर हम काम कर रहे हैं।” “फर्टिलाइजर सब्सिडी के आंकड़े रखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में फर्टिलाइजर पर 2013-14 में फर्टिलाइजर सब्सिडी 71,280 करोड़ थी। पिछले साल 2023-24 में फर्टिलाइजर सब्सिडी 1,95, 420 करोड़ रुपए थी। फर्टिलाइजर सब्सिडी घटाने का आरोप लगाया गया, लेकिन मैं बता सकता हूं कि फर्टिलाइजर की सब्सिडी में जितना पैसा लगता है, सरकार व्यवस्था करती है।” उन्होंने कहा, “बजट के अलावा भी पैसा लगता है तो सरकार व्यवस्था करती है। किसानों के लिए 2,625 करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज दिया, ताकि उन्हें सस्ता फर्टिलाइजर मिलता रहे। यूरिया के एक बैग पर सरकार 2100 रुपए सब्सिडी देती है। किसानों को यह बैग केवल 266 रुपए में मिलता है। 2366 रुपए का यूरिया किसानों को केवल 266 रुपए में मिलता है।” डीएपी के बारे में जानकारी देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि डीएपी के एक बैग पर सरकार 1083 रुपए सब्सिडी देती है। इसकी कुल कीमत होती है 2,433 रुपए, लेकिन किसान को मिलता है 1,350 रुपए में, हमने इस कीमत को कभी बढ़ने नहीं दिया।

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