Bhopal News – 18 Nov : भोपाल पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए देशभर में 1800 से ज्यादा बैंक खाते खुलवाकर बेचता था। गिरोह के सात सदस्य एक फ्लैट में कॉल सेंटर चला रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, ये गिरोह हर फर्जी बैंक खाता 10 हजार रुपये में बेचता था और अब तक 1.80 करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है।
कॉल सेंटर पर पुलिस की छापेमारी
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि हनुमानगंज थाने को सूचना मिली थी कि इब्राहिमगंज के एक फ्लैट में चल रहे कॉल सेंटर में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। पुलिस ने छापा मारकर वहां से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए। यह गिरोह पिछले एक महीने से इस फ्लैट में रह रहा था और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खोलने का काम कर रहा था।
आरोपी 12वीं पास, देशभर में फैला नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी 12वीं पास हैं और उन्होंने इंदौर, भोपाल, लखनऊ, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में रहकर फर्जी दस्तावेज बनाए हैं। पुलिस ने बताया कि ये गिरोह फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कर बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करता था, जिन्हें साइबर अपराधी ठगी के लिए इस्तेमाल करते थे। गिरोह द्वारा बेचे गए खातों से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए हैं।
फर्जी दस्तावेजों से होती थी धोखाधड़ी
मुख्य आरोपी शशिकांत देवघर झारखंड से आधार कार्ड का डेटा इकट्ठा करता था। वह उन आधार कार्डों की जांच करता था जिनके पैन कार्ड नहीं बने थे, और उनके लिए ऑफलाइन आवेदन करता था। इसके बाद आरोपी फर्जी आधार और पैन कार्ड पर अपने साथियों के फोटो लगाकर उन्हें तैयार करते थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करके आरोपी अलग-अलग दुकानों से सिम कार्ड लेते और बैंकों में खाते खुलवाते थे।
बैंक और डाक कर्मचारियों की भूमिका की जांच
पुलिस अब इस मामले में बैंक और डाक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि गिरोह द्वारा इतनी बड़ी संख्या में फर्जी खाते खोलने में उनके शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस उम्मीद कर रही है कि इससे जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।


