जबलपुर गढ़ा थाना पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इंदौर में हुई बाइक चोरी के मामले का खुलासा कर 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 3 लाख 50 हजार रुपये कीमत के 3 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना गढ़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज परिसर में दो युवक बिना नंबर की स्कूटी के साथ संदिग्ध हालत में खड़े हैं और सस्ते दामों में वाहन बेचने की फिराक में हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी गढ़ा प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई और तत्काल मौके पर दबिश दी गई। पुलिस को देखते ही दोनों युवक भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इंदौर के तिलकनगर और तुकोगंज थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 3 दोपहिया वाहन बरामद किए। जांच के दौरान गिरोह से जुड़े दो अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी इंदौर से चोरी किए गए वाहनों को जबलपुर लाकर सस्ते दामों में बेचने की कोशिश करते थे। बिना नंबर के वाहन के साथ संदिग्ध हालत में खड़े आरोपियों पर पुलिस की नजर पड़ना इस पूरे गिरोह के खुलासे की अहम कड़ी साबित हुआ।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन का मार्गदर्शन रहा। थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में गढ़ा पुलिस टीम ने सक्रियता और समन्वय के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
गढ़ा पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरजिला वाहन चोरी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


