नई दिल्ली, 22 जनवरी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। आप का कहना है कि भाजपा, अपनी हार को स्पष्ट देख, अब गुंडागर्दी और गाली-गलौज पर उतर आई है और उनके कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दे रही है। इस विषय पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इन घटनाओं को साझा किया।
प्रेस वार्ता की मुख्य बातें:
आतिशी ने कहा कि कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी के चुनाव लड़ने के बाद से क्षेत्र में दहशत और गुंडागर्दी का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता और कुछ लोग, जो स्वयं को बिधूड़ी के रिश्तेदार बताते हैं, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को धमका रहे हैं, उनके प्रचार सामग्री को नष्ट कर रहे हैं और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
आतिशी द्वारा घटनाओं का ब्यौरा:
- 15 फरवरी, गिरी नगर: आप के वार्ड अध्यक्ष अरुण चौहान और महिला विंग की टीम के साथ डोर-टू-डोर प्रचार के दौरान भाजपा पदाधिकारी राजीव भाटी ने गाली-गलौज की, स्टीकर्स छीने और उन्हें जला दिया।
- 19 जनवरी, गोविंदपुरी: आप कार्यकर्ता दीप सिंह को रात में रमेश बिधूड़ी का कॉल आया, जिसमें धमकी दी गई कि वह भाजपा में वापस आ जाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
- 20 जनवरी, नवजीवन कैंप: भाजपा कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पोस्टर चिपकाने के लिए लगाया और आप कार्यकर्ता विजेता कुमारी की आपत्ति जताने पर उन्हें अपशब्द कहे।
- 21 जनवरी, गिरी नगर: भाजपा समर्थकों ने आप कार्यकर्ता रोशन चौहान को धमकाया और उनकी बेटी के वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
अरविंद केजरीवाल के आरोप:
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा दिल्ली में हिंसा और गुंडागर्दी का सहारा ले रही है क्योंकि उनके पास जनता के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को भाजपा के चुनाव प्रचार में लगा दिया गया है। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्रालय से सीधे पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
निष्कर्ष:
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से भाजपा की इन हरकतों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और दिल्ली के नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हिंसा का सहारा केवल वही पार्टी लेती है, जो चुनाव में अपनी हार को निश्चित मान चुकी हो।


