amravati news today, 16 अप्रैल : आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी की पिछले सप्ताह श्री सत्य साईं ज़िले की यात्रा के दौरान कथित रूप से क्षतिग्रस्त हुए हेलिकॉप्टर के पायलट और को-पायलट बुधवार को पुलिस के सामने पेश हुए।
पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में पायलट अनिल कुमार और को-पायलट एस. जैन सी. के. पल्ली पुलिस स्टेशन में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस और सर्कल इंस्पेक्टर के समक्ष उपस्थित हुए। इस दौरान पुलिस स्टेशन के आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए।
जगन मोहन रेड्डी 8 अप्रैल को पपीरेड्डीपल्ली गांव पहुंचे थे, जहां वे एक वाईएसआरसीपी नेता के परिजनों को सांत्वना देने गए थे, जिसकी कथित तौर पर टीडीपी कार्यकर्ताओं ने हत्या की थी।
हेलिपैड पर वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर हेलिकॉप्टर के पास पहुंच गए। इस अफरा-तफरी में हेलिकॉप्टर की विंडशील्ड reportedly क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जगन को सड़क मार्ग से बेंगलुरु लौटना पड़ा।
वाईएसआरसीपी ने इसे सुरक्षा में चूक बताया और टीडीपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की “खराब” व्यवस्था की आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि विंडशील्ड में आई क्षति के चलते हेलिकॉप्टर असुरक्षित हो गया, इसलिए जगन को सड़क मार्ग से लौटना पड़ा।
वाईएसआरसीपी नेताओं ने यह भी निंदा की कि एक Z प्लस श्रेणी के वीवीआईपी की यात्रा के दौरान भी राज्य सरकार ने पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं दी।
पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू की और उसी के तहत पायलट और को-पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उनसे यह भी पूछा गया कि अगर हेलिकॉप्टर असुरक्षित था, तो वे उसे उड़ाकर कैसे वापस ले गए।
इसके अलावा, पायलट और को-पायलट ने हेलिकॉप्टर की क्षति की जानकारी भी पुलिस को नहीं दी थी।
यह हेलिकॉप्टर कर्नाटक स्थित एक निजी कंपनी का है। पुलिस को इस दावे पर भी संदेह है कि विंडशील्ड वास्तव में क्षतिग्रस्त हुई थी या नहीं।


