लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का दौरा करेंगे। यह दौरा पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हो रहा है।
राहुल गांधी ने इस हमले के बाद अपना आधिकारिक अमेरिका दौरा बीच में ही छोड़कर गुरुवार तड़के नई दिल्ली वापसी की।
गुरुवार को केंद्र सरकार ने इस हमले पर विचार करने और सामूहिक प्रतिक्रिया तय करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को लेकर कड़े कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, यह निर्णय लिया गया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को स्पष्ट और स्थायी रूप से नहीं छोड़ता, तब तक 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित रखा जाएगा और अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।
भारत ने दक्षेस वीजा छूट योजना (SVES) के तहत जारी सभी वीजा रद्द करने और पाकिस्तान को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया है।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और 27 अप्रैल 2025 से सभी पूर्व में जारी वैध वीजा भी रद्द कर दिए जाएंगे।
इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों ने अपने प्रियजनों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए सरकार से इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरान घास के मैदान में पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हमला घाटी में 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे भीषण माना जा रहा है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।


