जयपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य का एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वे कथित रूप से तिरंगे से पसीना पोछते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह तिरंगा यात्रा राज्य भाजपा द्वारा गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान में आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्बर्ट हॉल से यात्रा को हरी झंडी दिखाई, जो बड़ी चौपड़ पर समाप्त हुई। यात्रा का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल राठौड़ ने किया, जिसमें कई मंत्री, विधायक और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
हवा महल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने रैली के दौरान अपने चेहरे से पसीना पोछने के लिए राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किया। वायरल वीडियो के बाद आम जनता और विपक्ष ने नाराज़गी जताई। कांग्रेस ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए कहा, “तिरंगा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, रूमाल नहीं। यह न सिर्फ तिरंगे का अपमान है, बल्कि उन शहीदों के बलिदान का भी अपमान है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।”
उन्होंने आगे कहा कि विधायक ने उसी तिरंगे से नाक भी पोछी, जिसके लिए हमारे जवानों ने शहादत दी है। “यह भाजपा की दोहरी मानसिकता ही नहीं, बल्कि देश और संविधान से गद्दारी है। बालमुकुंदाचार्य को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।
हालांकि, विवाद के जवाब में विधायक बालमुकुंदाचार्य ने तिरंगे के इस्तेमाल से इनकार किया और सफाई दी कि वह एक सफेद और हरे रंग का रेशमी रूमाल था, जो उन्हें एक पार्टी कार्यकर्ता ने दिया था।
उन्होंने कहा, “यह तिरंगा नहीं था। कांग्रेस जानबूझकर इस वीडियो को वायरल कर रही है क्योंकि तिरंगा यात्रा बेहद सफल रही, और उनके पास उठाने लायक कोई असली मुद्दा नहीं है।”
गौरतलब है कि बालमुकुंदाचार्य पहले भी विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में उनके खिलाफ एक मस्जिद में घुसकर नारेबाज़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी।
इन विवादों के बावजूद तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभक्ति गीतों पर नाचते हुए नागरिकों ने तिरंगा लहराया और “भारत माता की जय” के नारे लगाए। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया।
जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद के बाहर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकजुटता का प्रतीक स्वरूप रैली का स्वागत करते हुए लाल कालीन बिछाया।
इस दौरान “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद का विरोध किया और राष्ट्रीय एकता व सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


