Delhi police constable arrested – खाकी पहनने वालों की आपराधिक मानसिकता को उजागर करते हुए, दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक कर्मी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हेड कांस्टेबल खुर्शीद पर दक्षिण दिल्ली में स्थित स्पेशल सेल (आतंकवाद निरोधक इकाई) के मलकाना (गोडाउन) से 50 लाख रुपये नकद और अज्ञात मात्रा में सोने के आभूषण चुराने का आरोप है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुर्शीद को कुछ दिन पहले ही स्पेशल सेल से पूर्वी जिला में स्थानांतरित किया गया था। शनिवार को उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान शुक्रवार रात की CCTV फुटेज की मदद से उसकी पहचान की गई और चोरी किए गए सारे सामान भी बरामद कर लिए गए हैं।
अंदरूनी जानकारी का किया इस्तेमाल
अधिकारियों का कहना है कि खुर्शीद ने चोरी की योजना स्पेशल सेल के मलकाना में अपनी पहले की तैनाती के दौरान मिली विभागीय जानकारी के आधार पर बनाई थी। उसे मलकाना में रखे कीमती सामान और नकदी की पूरी जानकारी थी, साथ ही गोदाम तक पहुंचने की प्रक्रिया भी वह अच्छे से जानता था।
चतुराई से रचा गया था प्लान
खुर्शीद ने अपनी स्थानांतरण की टाइमिंग का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया, ताकि जब गड़बड़ी पकड़ी जाए तो शक उसके अन्य साथियों पर जाए। हालांकि, मलकाना इंचार्ज की सतर्कता के कारण यह साजिश पकड़ी गई।
स्पेशल सेल की भूमिका
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल एक विशेष इकाई है, जो आतंकवाद, संगठित अपराध और अन्य गंभीर अपराधों की रोकथाम और जांच का कार्य करती है। ऐसे में इस तरह की घटना पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े करती है।
पुलिसकर्मियों की शिकायतों पर निगरानी
पुलिस द्वारा किए गए दंडनीय अपराधों की जांच आमतौर पर पुलिस विभाग खुद करता है, जबकि आम जनता से जुड़ी शिकायतों की जांच दिल्ली सरकार की पुलिस शिकायत प्राधिकरण (Police Complaints Authority) करती है।
प्राधिकरण की अध्यक्ष जस्टिस पूनम ए. बंबा (पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट न्यायाधीश) द्वारा जारी 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष में कुल 1,688 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 649 का निपटारा किया गया और 1,039 मामले लंबित रह गए। निपटारे की दर 38.44% रही।
प्राधिकरण पुलिस द्वारा किए गए गंभीर उत्पीड़न, अवैध हिरासत, पुलिस हिरासत में मौत, बलात्कार, भूमि कब्जा और जबरन वसूली जैसे मामलों की भी जांच करने के लिए अधिकृत है।


