Madhya Pradesh News – मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा और बुरहानपुर शहर में शुक्रवार को करंट लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक आठ वर्षीय बच्ची भी शामिल है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
गाडरवारा हादसा:
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गाडरवारा के जामदा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन के बाहर यह हादसा उस समय हुआ, जब एक कार्यक्रम की तैयारी के दौरान कामगार लोहे की सीढ़ी-प्लेटफॉर्म को गेट के पास से ले जा रहे थे। यह संरचना गलती से ऊपर से गुजर रही 11 केवी की हाई टेंशन बिजली लाइन से छू गई, जिससे तेज झटका लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झटका इतना तीव्र था कि पीड़ितों के शरीर से धुआं उठता देखा गया।
इस हादसे में तीन कामगार — पियूष (26), राजेश पाली (32) और पूरन जाटव (36) — की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें दो गाडरवारा के निवासी थे और एक इंदौर से था। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जिनमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
यह मैरिज गार्डन एक स्थानीय व्यापारी के स्वामित्व में है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हाई टेंशन लाइन की कोई चेतावनी या इन्सुलेशन नहीं था, जबकि वह स्थल के प्रवेश द्वार के बेहद पास से गुजर रही थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रमिक सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बुरहानपुर हादसा:
इसी दिन बुरहानपुर जिले के एक गांव में आठ वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 9:50 बजे पांच लड़कियां एक पुराने घर के पास खेल रही थीं, तभी वे वहां लटक रही एक टूटी हुई करंटयुक्त बिजली की तार की चपेट में आ गईं। परिजनों ने दो लड़कियों को बचा लिया, लेकिन पूर्वी बरकने नाम की बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य दो लड़कियों की पहचान शिवानी बरकने (6) और ऋषिका के रूप में हुई है।


