Jabalpur news। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सतना कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र द्विवेदी को एक अनोखी सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें 1 जुलाई 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच चित्रकूट क्षेत्र में आम, जामुन, अमरूद व महुआ जैसे 1000 फलदार पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने का आदेश दिया है।
यह मामला रामअवतार चौधरी नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिसे नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर आरोप में जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। रामअवतार ने इस फैसले के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने इस अपील पर 30 सितंबर 2024 को पीड़िता को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन सतना कोतवाली टीआई रविंद्र द्विवेदी द्वारा यह नोटिस समय पर तामील नहीं कराया गया।
टीआई की इस लापरवाही को अदालत ने गंभीरता से लिया और पारंपरिक सजा के बजाय सामाजिक दायित्व पर आधारित एक अनोखी सजा सुनाई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह शामिल थे, ने आदेश दिया कि टीआई को चित्रकूट क्षेत्र में आम, जामुन, अमरूद और महुआ जैसे 1000 फलदार पौधे लगाने होंगे और इनकी देखरेख भी करनी होगी। यह सजा 1 जुलाई 2025 से 31 अगस्त 2026 तक पूरी करनी होगी। कोर्ट ने इसे पर्यावरण संरक्षण और जवाबदेही की भावना को प्रोत्साहित करने वाला निर्णय बताया है।
अब 16 सितंबर 2025 को अगली सुनवाई में टीआई की प्रगति रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।


