Jabalpur News। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा संभागीय कार्यालय, रानीताल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके विचार आज भी राष्ट्रवाद और सेवा भावना से जुड़े हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कश्मीर की परमिट प्रणाली और अनुच्छेद 370 का पुरजोर विरोध किया था, और इसी संघर्ष में उन्होंने बलिदान दिया। “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर उनके सपनों को साकार किया गया है,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे डॉ. मुखर्जी के सिद्धांतों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मिकी, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष पांडे सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के त्याग, संघर्ष और विचारधारा को भारत के समग्र विकास का मूल आधार बताया।
कार्यक्रम का संचालन रंजीत पटेल ने किया और आभार प्रदर्शन मुरली दुबे ने किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अभय सिंह, राजेश मिश्रा, कैलाश साहू, रोहित जैन, प्रणीत वर्मा, लालू यादव, संतोषी ठाकुर, प्रशांत केसरवानी, योगेंद्र ठाकुर, रूपा राव, शिवा चौधरी, सुषमा जैन, नंदकुमार यादव, रमेश रैकवार, राजेश दिवेदी, प्रियंका केसरवानी, मोनिका सिंह, प्रतिभा भापकर, श्रीकांत साहू, रवि शर्मा सहित दर्जनों गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इस आयोजन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्रनिष्ठ भावना और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को फिर से जीवंत कर दिया, जिन पर आज का नया भारत आगे बढ़ रहा है।


