शहडोल, 11 जुलाई 2025 – विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शहडोल में जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने हेतु एक रैली एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के मार्गदर्शन में महिला प्रशिक्षण केंद्र से शुरू हुआ।
रैली की शुरुआत जिला मलेरिया अधिकारी श्री हनुमान प्रसाद नामदेव और महिला प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य श्रीमती टी.एस. सुखनंदन द्वारा हरी झंडी दिखाकर की गई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नारे लगाकर जनसंख्या नियंत्रण का संदेश दिया और आम लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए समाज में व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। कार्यशाला में परिवार कल्याण के स्थायी साधनों जैसे महिला नसबंदी, पुरुष नसबंदी, प्रसवोत्तर नसबंदी एवं अस्थायी उपाय जैसे पीपीआईयूसीडी, गर्भनिरोधक गोलियां, अंतरा इंजेक्शन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि इन साधनों को पात्र दंपतियों को “बास्केट ऑफ च्वाइस” के तहत उनके अनुरूप विकल्प देकर स्वास्थ्य संस्थानों से उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्राचार्य श्रीमती सुखनंदन, जिला मलेरिया अधिकारी एवं मीडिया अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने “माँ बनने की सही उम्र – जब तन और मन दोनों हों तैयार” की अवधारणा को समझाते हुए मातृ और शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि परिवार नियोजन, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुंच, देश की जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर महिला प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं वंदना गालपुरे, प्रज्ञा पटेल और अंकिता टेकाम ने पोस्टर और आकर्षक रंगोली के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण का संदेश दिया, जो दर्शकों का केंद्रबिंदु रहा।
कार्यक्रम में महिला प्रशिक्षण केंद्र की ट्यूटर, प्रशिक्षणार्थी, मलेरिया समन्वयक श्री एस.एस. शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से श्री रजनीश गुप्ता, श्री आशुतोष त्रिपाठी, श्री संतोष सिंह, श्री नीरज बर्मन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक विश्व जनसंख्या माह के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों और परिवार नियोजन के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना है।


