गोराबाजार-बिलहरी में आधी रात तक चली छापेमारी
जबलपुर। लंबे समय से बकाया बिजली बिल नहीं चुकाने वालों के खिलाफ अब बिजली कंपनी ने सख्त रुख अपनाया है। छह से आठ साल से अधिक समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है। वसूली का दबाव इतना बढ़ गया है कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सिटी सर्किल के मुख्य अभियंता एसके गिरिया को खुद छापामार कार्रवाई में उतरना पड़ा।
गुरुवार देर रात उनके नेतृत्व में टीम ने गोराबाजार और बिलहरी क्षेत्र में ऐसे उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी, जिनके कनेक्शन पहले ही काटे जा चुके थे, लेकिन बकाया बिल अब तक जमा नहीं किया गया था। जांच के दौरान टीम को कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।
गोराबाजार के भोंगाद्वार क्षेत्र में गणेश प्रसाद के घर पर पहुंची टीम ने पाया कि वर्ष 2022 में लगभग 96 हजार रुपए बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद घर में बिजली जलती मिली। जांच में सामने आया कि वहां अवैध रूप से बिजली चोरी कर उपयोग किया जा रहा था।
इसी तरह बिलहरी के चेतना मैदान क्षेत्र में भी टीम ने एक मकान पर कार्रवाई की, जहां छह साल पहले कनेक्शन काटा जा चुका था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर घर सीधे बिजली के खंभे से जुड़ा पाया गया। संबंधित मकान पर करीब 1 लाख 35 हजार रुपए का बकाया बिल दर्ज है।
अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने बताया कि शहर में चल रहे इस अभियान के तहत करीब 30 टीमें गठित की गई थीं, जिनमें लगभग 30 अधिकारी और 100 कर्मचारी शामिल रहे। जहां भी बिजली चोरी के मामले सामने आए, वहां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 और 126 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


