Jabalpur Crime News। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को संजीवनी नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित आदर्श पटेल (22), जो तकनीकी डिग्रीधारी है, ने आरोप लगाया कि राकेश कुमार सराठे नामक व्यक्ति पिछले कई महीनों से उसकी मां के साड़ी पीको फॉल की दुकान पर आता था और खुद को रेलवे में नियुक्ति कराने वाला बताया करता था।
राकेश ने युवक को विश्वास में लेकर कहा कि वह अपने बेटे को भी रेलवे में नौकरी दिला चुका है और अब आदर्श को पश्चिम मध्य रेलवे में कमर्शियल क्लर्क के पद पर नियुक्त करवा देगा। इसके लिए आरोपी ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स, नकली ट्रेनिंग यूनिफॉर्म, और रेलवे आईडी कार्ड थमाए। यहां तक कि मेडिकल टेस्ट के नाम पर यूरिन सैंपल लेने, एक्स-रे कराने और ट्रेनिंग किट के नाम पर भी कई किश्तों में पैसे ऐंठे गए।
कुछ समय बाद आरोपी ने रेलवे परीक्षा पास कराने और नियुक्ति पत्र दिलवाने के नाम पर 3.24 लाख रुपये ले लिए। पूरी प्रक्रिया के दौरान एक महिला रेखा वर्मा को डीईओ अधिकारी बनाकर पेश किया गया, जिसे राकेश ने इस अभिनय के लिए 5,000 रुपये भी दिए थे।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाई और बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई, जिसने राकेश कुमार सराठे (58) और रेखा वर्मा (56) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने बताया कि आरोपी डीआरएम ऑफिस, रेलवे स्टेशन, और नीलांबरी गेस्ट हाउस जैसे स्थानों पर ले जाकर पीड़ित को भ्रमित करते थे और रेलवे की नौकरी का पूरा नकली माहौल बनाकर पैसा वसूलते थे।
विशेष योगदान:
इस मामले में थाना प्रभारी बी.डी. द्विवेदी, चौकी प्रभारी दिनेश गौतम, प्रधान आरक्षक दिलीप पाठक, आरक्षक रजनीश, वीरेन्द्र, और महिला आरक्षक संध्या तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह मामला एक बार फिर से इस बात की चेतावनी है कि सरकारी नौकरी का लालच दिखाकर हो रही ठगी से बचने के लिए सतर्कता और जांच-पड़ताल जरूरी है। युवाओं को ऐसे जालसाजों से सावधान रहने की आवश्यकता है जो भोले-भाले बेरोजगारों को अपना शिकार बनाते हैं।


