जबलपुर के लाला लाजपत राय वार्ड अंतर्गत केशरी नगर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने नगर निगम की निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह करीब 7 बजे नाले के किनारे बनी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, और उसी के साथ बगल में खड़ी एक लग्जरी कार भी नाले में समा गई। यह कार महेंद्र रजक की थी, जो वहीं पास में रहते हैं। गनीमत यह रही कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
महेंद्र रजक का कहना है कि यह दीवार महज 2 से 3 महीने पहले नगर निगम द्वारा बनवाई गई थी, और इतनी जल्दी उसका गिर जाना यह दर्शाता है कि निर्माण कार्य में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। दीवार गिरने से उनकी कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता सुधीर सोनू दुबे मौके पर पहुंचे और नगर निगम तथा संबंधित ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता खुद ठेकेदार बन गए हैं, जिनके पास अनुभव नहीं है और जो केवल राजनीतिक संरक्षण में निर्माण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण हो, नाली निर्माण या कोई अन्य विकास कार्य – सभी में मिलावट और लापरवाही देखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों में इस हादसे को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से निर्माण तो हो रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता के अभाव और लापरवाही के चलते उनका कोई लाभ नहीं मिल रहा। इस घटना ने साफ कर दिया है कि किस तरह नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम इस घटना को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह भी एक और घटना बनकर कागज़ों में ही दफन हो जाएगी। वहीं कार मालिक महेंद्र रजक को भी उम्मीद है कि उन्हें मुआवजा मिलेगा और प्रशासन दोषियों को सजा देगा।


