Bengaluru police crack kidnap-murder case, 1 अगस्त। बेंगलुरु पुलिस ने 13 वर्षीय छात्र के अपहरण और हत्या के चौंकाने वाले मामले को सुलझाते हुए शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली मारनी पड़ी, जिसके बाद उन्हें पकड़ा गया।
पीड़ित, ए. निशचल, जो कक्षा 8 का छात्र था, उसका शव गुरुवार रात शहर के बाहरी इलाके में बरामद हुआ। निशचल की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को आग के हवाले कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी न केवल पीड़ित को जानते थे, बल्कि उसके परिवार से भी परिचित थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने 5 लाख रुपये फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण किया था और फिर सबूत मिटाने के लिए उसकी हत्या कर शव जला दिया।
बेंगलुरु पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय गुरुमूर्ति, जो बैनरघट्टा रोड स्थित वीवर्स कॉलोनी का निवासी है, और 27 वर्षीय गोपी उर्फ गोपाला, जो बैनरघट्टा का ही निवासी है, के रूप में हुई है।
मुठभेड़ के दौरान गुरुमूर्ति को दोनों पैरों में गोली लगी जबकि गोपी को एक पैर में गोली लगी। दोनों को विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना में घायल पुलिस इंस्पेक्टर कुमारस्वामी बी.जी. और पीएसआई अरविंद कुमार भी विक्टोरिया अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
जांच में पता चला है कि आरोपी चालक के रूप में काम करते थे और पीड़ित की मां को जानते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी होने के कारण उन्होंने बच्चे को टारगेट किया। अपहरण के बाद उन्होंने व्हाट्सऐप के जरिए 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। लेकिन बाद में उन्होंने बच्चे का गला रेत कर उसकी हत्या कर दी और शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
निशचल क्राइस्ट स्कूल का छात्र था और हर शाम 5 बजे से 7:30 बजे तक अरकेरे की 80 फीट रोड पर ट्यूशन पढ़ने जाता था। 30 जुलाई को वह देर रात तक घर नहीं लौटा। जब माता-पिता ने ट्यूशन शिक्षक से संपर्क किया तो पता चला कि निशचल समय पर ट्यूशन से निकल गया था।
तलाश के दौरान उसका साइकिल अरकेरे फैमिली पार्क के पास मिला। इसके बाद उसके पिता जे.सी. अच्युत ने हुलिमावु पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 31 जुलाई को रात 8 बजे परिवार को एक व्हाट्सऐप संदेश मिला जिसमें लिखा था कि निशचल का अपहरण कर लिया गया है और उसकी रिहाई के लिए 5 लाख रुपये की मांग की गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चार टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। शाम करीब 5 बजे पुलिस को बैनरघट्टा थाना क्षेत्र के बिलवरदाहल्ली के जंगल में एक अधजला शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां बच्चे के परिजनों ने शव की पहचान की।
जांच में सामने आया कि आरोपी इसी जंगल में छिपे हुए थे। जब पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने चाकू और खंजर से हमला कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने पहले हवा में फायरिंग की और फिर उनके पैरों में गोली मारकर उन्हें काबू में किया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है।


