जबलपुर, 1 अगस्त — देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में जबलपुर स्थित वाहन फैक्ट्री ने एक बड़ा कदम उठाया है। यहां एक अत्याधुनिक और हल्का बुलेट प्रूफ वाहन (Light Bullet Proof Vehicle – LBPV) तैयार किया गया है, जो सेना और पुलिस बलों के संचालन को ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाएगा।
यह वाहन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से एबीएनएल (ABNL) के डिजाइन एवं विकास केंद्र में विकसित किया गया है। दिल्ली में आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय पुलिस व्हीकल एक्सपो में यह वाहन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां इसे सुरक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सराहा।
वाहन एक निजी कंपनी के चेसिस पर आधारित है, लेकिन इसका पूरा निर्माण भारत में हुआ है। इसकी खासियत यह है कि इसके कांच से लेकर टायर तक सभी हिस्से बुलेट प्रूफ हैं। इसमें रन-फ्लैट सिस्टम वाले टायर लगे हैं, जो गोली लगने के बाद भी वाहन को कुछ दूरी तक चलने में सक्षम बनाते हैं। साथ ही रियर व्यू और नाइट विजन कैमरे जैसी उन्नत सुविधाएं इस वाहन को और भी आधुनिक बनाती हैं।
चार टन वजनी यह बुलेट प्रूफ वाहन किसी भी दुर्गम इलाके में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसकी संरचना इस तरह से की गई है कि यह गर्मी, सर्दी और पहाड़ी जैसे कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।
इसमें छह जवानों के बैठने की क्षमता है, जिससे यह गश्त, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशनों और वीआईपी सुरक्षा जैसी रणनीतिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। इसका प्रोटोटाइप एक साल की अथक मेहनत और परीक्षणों के बाद तैयार किया गया है।
अब यह स्वदेशी वाहन सेना और पुलिस बलों के बेड़े में शामिल होकर देश की सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने जा रहा है।


