कानपुर (उप्र), 26 फरवरी (आईएएनएस)| कोरोनावायरस..बर्ड फ्लू..और अब परवो वायरस। बर्ड फ्लू के बाद अब परवो वायरस की दस्तक से उत्तर प्रदेश के कानपुर में हड़कंप मचा हुआ है। इसके घातक असर से आठ कुत्तों ने दम तोड़ दिया है। आठ मृत कुत्तों में से दो के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उनकी आंतें सड़ गई थीं और मौत से पहले कुत्तों ने खून की उल्टी की थी।
परवो एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है। यह पिल्लों और युवा कुत्तों में एक संक्रामक जठरांत्र (जीआई) बीमारी का कारण बनता है। अगर इसका उपचार नहीं हो पाया तो प्राणघातक हो सकता है। इस वायरस को इसलिए खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह बड़े आसानी से कुत्तों में फैल जाता है।
बहरहाल, इस वायरस के संक्रमण से कुत्तों की मौत कानपुर के भतरगांव ब्लॉक के क्योंटारा गांव में हुई। उसी गांव में कुछ हफ्ते पहले बड़ी संख्या में कौवे मृत पाए गए थे।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम संक्रमित कुत्तों में व्यवहार परिवर्तन के बारे में जानने के लिए गांव का दौरा कर रही है। उनका कहना है कि वायरस मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है।
पशुचिकित्सक सर्वेंद्र सचान ने कहा कि परवो वायरस बड़े जानवरों को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन कुत्तों के लिए घातक साबित होता है।
टीम में एक अन्य पशु चिकित्सक, ओ.पी. वर्मा ने कहा कि कुत्तों को वायरस से बचाने के लिए जन्म के तीन महीने के भीतर आवश्यक टीका दिया जाना चाहिए।


