Jabalpur News Today। भारतीय रेल कर्मचारियों का सबसे बड़ा सम्मेलन इस बार दिल्ली में होने जा रहा है। उत्तर रेलवे मज़दूर यूनियन की मेज़बानी में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) का 31वां राष्ट्रीय अधिवेशन 2 से 4 सितम्बर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसमें पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन सहित देशभर से करीब 12 हजार रेलकर्मी शिरकत करेंगे।
तीन दिन चलने वाले इस अधिवेशन में रेल कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों और मांगों पर चर्चा होगी। संगठन की अब तक की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा, वहीं पेंशन से जुड़ी समस्याओं को हल करने की मांग प्रमुखता से उठेगी। लंबे समय से खाली पड़े हजारों पदों पर भर्ती की मांग को भी ज़ोरदार ढंग से रखा जाएगा।
हर तीन साल में होता अधिवेशन
यह अधिवेशन हर तीन साल में आयोजित किया जाता है। इस बार इसमें संगठनात्मक चुनाव भी होंगे। पदाधिकारियों के चुनाव के साथ वर्किंग कमेटी, नेशनल काउंसिल और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चयन किया जाएगा। साथ ही, कैबिनेट सचिव के साथ होने वाली वार्ता के लिए प्रतिनिधियों के नामांकन भी इसी अधिवेशन में तय होंगे।
पिछला अधिवेशन सिकंदराबाद में
एनएफआईआर का पिछला अधिवेशन सिकंदराबाद में हुआ था। इस बार दिल्ली में होने वाला अधिवेशन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें संगठन की पिछली उपलब्धियों की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
उत्तरी रेलवे की मेज़बानी
बी.सी. शर्मा ने बताया कि अधिवेशन की मेज़बानी उत्तरी रेलवे कर रहा है, क्योंकि यह भारतीय रेल का सबसे बड़ा ज़ोन है। अकेले नॉर्दर्न रेलवे में 1.60 लाख कर्मचारी और 10 डिवीजन हैं, जबकि पूरे इंडियन रेलवे में लगभग 12.5 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।
आठवें वेतन आयोग पर चर्चा
इस सम्मेलन में आठवें वेतन आयोग पर भी विचार-विमर्श होगा। कर्मचारियों की मांग है कि वेतन आयोग की वर्तमान व्यवस्था को बदला जाए और सांसदों की तर्ज पर एक स्थायी समिति बनाई जाए, ताकि मांगों का समाधान जल्द हो सके और कर्मचारियों को लंबे इंतजार से राहत मिले।
इस अधिवेशन में न केवल रेलकर्मी और यूनियन नेता शामिल होंगे, बल्कि रेल मंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी शिरकत कर सकते हैं।


