Jabalpur News today। नवरात्रि पर्व के दौरान जबलपुर शहर में उमड़ी भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था के बीच ट्रैफिक पुलिस आरक्षक जितेंद्र दुबे ने जिस संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया, वह पूरे शहर में सराहना का विषय बन गया है। भीड़ के बीच घायल महिला की मदद के लिए आगे आए इस आरक्षक ने मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
सड़क पर तड़पती रही महिला, कोई आगे नहीं आया
रविवार रात करीब 10 बजे की घटना है। आगा चौक से कुछ ही दूरी पर एक अज्ञात वाहन ने एक महिला को टक्कर मार दी, जिससे वह स्कूटी सहित सड़क पर गिर गई। महिला के पैर में गंभीर चोट आई थी और लगातार खून बह रहा था, लेकिन आसपास भीड़ मौजूद होने के बावजूद कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया।
आरक्षक ने उठाया बीड़ा, पीठ पर लाद अस्पताल पहुंचाया
इस दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक जितेंद्र दुबे, जो आगा चौक की ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे, ने मौके पर पहुंचते ही तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी और फिर महिला को अपनी पीठ पर उठाकर लगभग 100 मीटर दूर अस्पताल पहुंचाया। आरक्षक की तत्परता से महिला को समय रहते इलाज मिल सका, और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें आरक्षक दुबे को महिला को अपनी पीठ पर लादे हुए अस्पताल ले जाते देखा जा सकता है। यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है और सोशल मीडिया पर आमजन इस सराहनीय कृत्य की खूब तारीफ कर रहे हैं।
अधिकारियों ने की सराहना
एएसपी अंजना तिवारी ने आरक्षक की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “नवरात्रि के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन संकट के समय मानवता का परिचय देना सबसे बड़ी सेवा है। आरक्षक जितेंद्र दुबे ने जो किया, वह पुलिस सेवा का आदर्श उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों से ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है।


