जबलपुर। शहर के हनुमानताल और नया मोहल्ला क्षेत्रों में लगे ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टरों को लेकर उपजे विवाद के बीच गुरुवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने इन विवादित पोस्टरों को हटाने की कार्रवाई की। यह कदम शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया, हालांकि इस दौरान स्थानीय नागरिकों के एक वर्ग ने विरोध जताया और प्रशासन से सवाल किया कि पोस्टर में आपत्तिजनक क्या था?
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान ओमती थाना पुलिस और नगर निगम का अमला भी मौके पर मौजूद रहा। कुछ लोगों ने पूछताछ करते हुए कहा कि ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर में ऐसा क्या आपत्तिजनक था जिसे हटाया जाना जरूरी था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का सार्वजनिक पोस्टर लगाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी है, ताकि किसी समुदाय की भावनाएं आहत न हों और सामाजिक समरसता बनी रहे।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद, भड़क गए हिंदू संगठन
यह मामला तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर वायरल होने लगे। खासकर मोहम्मदी गेट और हनुमानताल इलाके में लगाए गए पोस्टरों को लेकर हिंदू संगठनों ने तीव्र आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह के बैनर लगाकर शहर की शांति और सौहार्द्रपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है।
हिंदू सेवा परिषद सहित अन्य संगठनों ने इस विरोध में ‘आई लव श्रीराम’ पोस्टर शहर के मंदिरों में लगाना शुरू किया, जिसके बाद मामला और अधिक गरमाता चला गया। स्थिति को भांपते हुए पुलिस का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है ताकि किसी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव न पनपे।
प्रशासन की अपील: अनुमति के बिना न लगाएं कोई पोस्टर
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से शहरवासियों से अपील की है कि वे बिना अनुमति के कोई भी बैनर या पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर न लगाएं। नया मोहल्ला में गुरुवार की शाम को पोस्टर हटाए जाने की कार्रवाई सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
इस पूरी घटना ने शहर की संवेदनशीलता और सांप्रदायिक सौहार्द्र पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। प्रशासन सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी भी है कि वे सामाजिक शांति बनाए रखने में सहयोग करें। आने वाले दिनों में इस तरह के मामलों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।


