जबलपुर। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने मां नर्मदा की स्वच्छता और शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर उठी भ्रांतियों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि नर्मदा जी में केवल स्वच्छ जल का ही प्रवाह हो रहा है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि नगर निगम शुद्ध पेयजल आपूर्ति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया और ट्वीट के माध्यम से प्रसारित हो रही तस्वीरों को महापौर ने पुराना और करार दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नर्मदा का जल पूरी तरह स्वच्छ है और किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं मिल रही है।
महापौर ने पेयजल प्लांट (WTP) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के बीच की दूरी का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दूरी का अंतर पेयजल प्लांट और एसटीपी प्लांट के बीच एक किलोमीटर की जो की पर्याप्त दूरी है।
एसटीपी प्लांट का पेयजल शोधन प्रणाली से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है। दोनों प्रणालियाँ अलग-अलग दिशाओं और मानकों पर कार्य करती हैं।
महापौर ने बताया कि जलापूर्ति से पहले पानी की गुणवत्ता की गहन जांच की जाती है।
महापौर ‘अन्नू’ ने बताया कि नगर निगम प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि नागरिकों को दोनों समय स्वच्छ और पर्याप्त जलापूर्ति उपलब्ध हो। उन्होंने कहा, “मां नर्मदा हमारी आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ शहर की जीवन रेखा भी हैं। उनकी मर्यादा और जल की शुद्धता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।


