हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में ‘रौद्र’ नामक संवत्सर प्रारंभ हो चुका है। खगोलीय गणना के अनुसार, इस वर्ष कुल 12 नहीं बल्कि 13 माह होंगे। इस अतिरिक्त महीने को ‘अधिक मास’, ‘पुरुषोत्तम मास’ या ‘मलमास’ कहा जाता है। 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है कि ज्येष्ठ मास दो बार (कुल 60 दिन) आएगा। इस वर्ष के राजा राजा बृहस्पति (गुरु) और मंत्री मंगल हैं।
मई और जून माह 2026 में सूर्य, मंगल और बुध का गोचर मेष से वृषभ में होगा, शुक्र का वृषभ से मिथुन और फिर कर्क में होगा। इस दौरान 60 दिनों का ज्येष्ठ माह रहेगा। इन 60 दिनों में अधिकमास भी रहेगा। इन दोनों माह में 5 राशियों की किस्मत का तारा बुलंदी पर रहेगा।
अवधि: ज्येष्ठ माह 1 मई से 29 जून 2026 तक रहेगा।
ग्रह गोचर: बृहस्पति मिथुन में, शनि मीन में, मंगल मेष और वृषभ में, सूर्य मेष और वृषभ में, बुध मेष और वृषभ में और शुक्र वृषभ, मिथुन और कर्क में। राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे होंगे।
अशुभ योग: इसी दौरान शनि और मंगल का संबंध भी रहेगा, खप्पर योग भी रहेगा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। 13 माह में 13 पूर्णिमा का होना भी धार्मिक और सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
भले ही संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ है, लेकिन ज्येष्ठ के इन 60 दिनों में गुरु, मंगल और सूर्य की कृपा से निम्नलिखित 5 राशियों की किस्मत चमकने वाली है।
- मेष राशि (Aries)
संवत्सर के मंत्री मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं। ज्येष्ठ माह में आपको करियर में बड़ी छलांग लगाने का मौका मिलेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और समाज में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। साहस और पराक्रम से आप कठिन कार्यों को भी सिद्ध कर लेंगे।
- वृषभ राशि (Taurus)
अधिक मास के दौरान गुरु की दृष्टि आपके धन भाव पर रहेगी। व्यापार में निवेश के लिए यह सर्वोत्तम समय है। अचानक पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। पारिवारिक विवादों का अंत होगा और आप नया वाहन या मकान खरीदने की योजना बना सकते हैं।
- सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों के लिए ज्येष्ठ के 60 दिन वरदान साबित होंगे। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी और जो लोग राजनीति से जुड़े हैं, उन्हें बड़ा पद मिल सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आपकी निर्णय क्षमता आपको शत्रुओं पर विजय दिलाएगी।
- तुला राशि (Libra)
आपके लिए यह समय प्रेम और सामंजस्य का रहेगा। यदि कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो ग्रहों का साथ मिलेगा। विशेषकर विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के संकेत हैं। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे जो मानसिक शांति प्रदान करेंगे।
- धनु राशि (Sagittarius)
चूंकि संवत्सर के राजा गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह 13 माह का वर्ष आपके लिए आध्यात्मिक और आर्थिक उन्नति लाएगा। ज्येष्ठ माह में आपकी बौद्धिक क्षमता निखरेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अपार सफलता मिलेगी।
निष्कर्ष और उपाय: ज्येष्ठ के इस विशेष संयोग और अधिक मास की अवधि में भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की उपासना अत्यंत फलदायी रहती है। चूंकि संवत्सर ‘रौद्र’ है और मंगल मंत्री हैं, इसलिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ और विष्णु सहस्रनाम का श्रवण करने से ग्रहों की उग्रता शांत होती है और शुभ फलों में वृद्धि होती है।


