April 3, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

एएम ग्रीन ग्रुप और यूपी सरकार के बीच बड़ा समझौता, 25 अरब डॉलर के निवेश से बनेगा 1 गीगावाट एआई डाटा सेंटर



दावोस, 20 जनवरी ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी एएम ग्रीन ग्रुप ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के निवेश प्रोत्साहन विभाग इन्वेस्ट यूपी के साथ एक अहम समझौता (एमओयू) किया है। 

यह समझौता दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और एएम ग्रीन ग्रुप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में किया गया।

इस एग्रीमेंट के तहत उत्तर प्रदेश में 1 गीगावाट क्षमता वाला बड़ा एआई डेटा सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना में करीब 25 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है।

एएम ग्रीन ग्रुप ने कहा कि यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जो दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े कामों को संभालने में सक्षम होगा।

कंपनी के अनुसार, यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी, जिसकी पहली क्षमता साल 2028 में शुरू हो जाएगी, जबकि पूरी 1 गीगावाट क्षमता 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

कंपनी ने बताया कि यह परियोजना सस्टेनेबल और कार्बन-न्यूट्रल डिजिटल इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही यह उत्तर प्रदेश को भारत का प्रमुख डाटा सेंटर हब बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती देगी।

एएम ग्रीन ग्रुप ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप है, जिसका मकसद एआई आधारित विकास और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह देश के सबसे बड़े निवेशों में से एक होगी।

यह डाटा सेंटर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों, एआई रिसर्च लैब्स, बड़ी इंडस्ट्रीज और भारत की सरकारी एआई योजनाओं के लिए हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा।

इस केंद्र में करीब 5 लाख अत्याधुनिक हाई परफॉर्मेंस चिपसेट स्थापित किए जाएंगे। खास बात यह है कि यह पूरा डाटा सेंटर कार्बन-फ्री यानी स्वच्छ ऊर्जा से संचालित होगा, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

एएम ग्रीन ग्रुप ने बताया कि उसकी एआई लैब्स ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, हार्डवेयर, एआई मॉडल और एप्लीकेशन तक फैले एक पूरा एआई इकोसिस्टम तैयार कर रही हैं। ये सेवाएं ऊर्जा, स्वास्थ्य, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, मीडिया, गेमिंग और सरकारी क्लाउड सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में काम आएंगी।

इस परियोजना से भारतीय डेवलपर्स को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि उन्हें आधुनिक चिप्स तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे वे भारत और विदेशों के लिए एआई समाधान तेजी से विकसित कर सकेंगे।

एएम ग्रीन ग्रुप के चेयरमैन अनिल चलामलासेट्टी ने कहा कि एआई क्षेत्र में विस्तार कंपनी की तकनीक-आधारित सोच का स्वाभाविक हिस्सा है और इससे अलग-अलग उद्योगों को एक साथ समाधान देने में मदद मिलेगी।

एएम ग्रीन के प्रेसिडेंट महेश कोल्ली ने कहा कि 24 घंटे ग्रीन पावर के साथ बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता को जोड़कर, यह परियोजना भविष्य की वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक टिकाऊ मॉडल बनेगी, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।

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