जबलपुर। शहपुरा स्थित नेशनल हाईवे-45 पर बने करीब 400 करोड़ रुपये लागत वाले ओवरब्रिज के दूसरे हिस्से के गिरने के बाद विरोध तेज हो गया है। इस मामले को लेकर मध्य भारत मोर्चा के कार्यकर्ता सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से काले बैग में नकली नोट भरकर लाए और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता परीक्षण और निरीक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की जाए। उनका आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब ब्रिज का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे पहले भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मध्य भारत मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ यादव ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि लाखों लोग प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं और ऐसी लापरवाही जनता की जान से खिलवाड़ है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भ्रष्टाचार बड़े स्तर पर हुआ है और केवल ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं होगा।
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन स्वीकार करते हुए अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मांगों को कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा और उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की प्रक्रिया जारी है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहपुरा ओवरब्रिज का एक हिस्सा हाल ही में गिर गया था, जिसके बाद से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गनीमत रही कि घटना के समय कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस हादसे ने प्रदेश में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।


