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Jabalpur
May 30, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

आत्मा एवं तिलहन मिशन अंतर्गत दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेला सम्पन्न


शहडोल 30 मार्च 2026-जिले में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, योजनाओं एवं आधुनिक खेती की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से “आत्मा एवं तिलहन मिशन” अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेला शासकीय आईटीआई शहडोल में सम्पन्न हुआ।
कृषि मेले के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल ने किसानों को तिलहनी फसलों की उन्नत खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को जल संरक्षण हेतु तालाब निर्माण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ती है और सूखे की स्थिति में भी फसलों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। लाभ लेने के लिए आॅनलाईन आवेदन करना होगा। श्री पटेल ने पूरे कृषि मेले के आयोजन एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न गतिविधियों, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण सत्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर लाभकारी खेती करने के लिए प्रेरित किया तथा शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
कृषि मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. बी.के. प्रजापति ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कृषि के आधुनिक एवं टिकाऊ तरीकों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेती को लाभकारी एवं सुरक्षित बनाने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में किसानों को जागरूक करते हुए जैविक खाद, गोबर खाद, जीवामृत एवं अन्य प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने की अपील की। साथ ही जल संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने मेड़बंदी, वर्षा जल संचयन, तालाब निर्माण एवं ड्रिप-स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने ग्रीष्मकालीन खेती के अंतर्गत मूँग, उड़द एवं तिलहन फसलों की उन्नत खेती की जानकारी देते हुए बताया कि ये फसलें कम समय एवं कम पानी में अच्छी पैदावार देती हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।
कार्यक्रम में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मृगेंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में सुरक्षित एवं पोषक खाद्यान्न उत्पादन के लिए जैविक खेती ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने किसानों को सब्जियों की खेती की ओर विशेष रूप से प्रेरित करते हुए बताया कि सब्जी उत्पादन से कम समय में अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने किसानों को जैविक खाद, उन्नत बीज चयन एवं उनके उचित उपयोग की जानकारी देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज एवं सही पोषण प्रबंधन से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने का आह्वान किया।

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