आरोपियों के कब्जे से 1.55 रुपये नकद, 84 ग्राम असली और 20 किलो नकली सोना सहित 11 मोबाइल फोन जब्त
जबलपुर। शहर की क्राइम ब्रांच और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक शातिर अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो “गड़ा हुआ सोना” मिलने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये नकद, 84 ग्राम असली सोने की गिन्नियां, लगभग 20 किलो नकली सोना और 11 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस द्वारा अपराधों एवं साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस गिरोह पर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह और क्राइम डीएसपी उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शैलेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने यह सफलता हासिल की।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को मजदूर या बाहरी व्यक्ति बताकर लोगों से संपर्क करते थे। वे इलाज कराने या सामान्य बातचीत के बहाने विश्वास जीतते और फिर “खुदाई में गड़ा हुआ सोना मिलने” की कहानी सुनाकर सामने वाले को लालच देते थे। भरोसा जीतने के लिए पहले असली सोने की गिन्नियां सैंपल के तौर पर देते, जिन्हें जांच कराने पर सही पाया जाता था।
इसके बाद बड़ी मात्रा में सोना सस्ते दामों में बेचने का सौदा तय कर लेते और मौके पर नकली सोना थमा कर लाखों-करोड़ों रुपये लेकर फरार हो जाते थे।
तीन बड़े मामलों का खुलासा
जांच के दौरान तीन अलग-अलग शिकायतों में इस गिरोह की ठगी का खुलासा हुआ—
एक मामले में आरोपी ने 7 किलो नकली सोना देकर करीब 10 लाख रुपये ठगे।
दूसरे मामले में 5 किलो सोने के नाम पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
तीसरे मामले में 12 किलो नकली सोना देकर एक करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
झांसी से गिरफ्तारी, पनागर से बरामदगी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के झांसी में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने दबिश देकर चारों आरोपियों—पन्नालाल राठौर, धर्मेंद्र, वीरेन्द्र और रानमादेवी—को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने जबलपुर के पनागर क्षेत्र में किराये का मकान लेकर ठगी की रकम छिपाने की बात कबूल की।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर उक्त मकान से भारी मात्रा में नकदी, असली-नकली सोना और मोबाइल फोन बरामद किए। सभी आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना प्रभारी से लेकर आरक्षक स्तर तक के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार प्रयास कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस प्रकार के “गड़ा धन” या सस्ते सोने के लालच में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


