जबलपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष्मान भारत योजना ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाई है। सिहोरा विकासखंड के वार्ड क्रमांक 12, हृदय नगर निवासी 1 वर्ष 3 माह के बालक आयुष काछी को जन्मजात हृदय रोग से मुक्ति दिलाते हुए सफल सर्जरी के माध्यम से नया जीवन प्रदान किया गया।
जिला प्रबंधक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम श्री सुभाष शुक्ला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयुष काछी (पिता–अनुभव काछी) की पहचान आरबीएसके टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की गई। टीम में शामिल डॉ. निशा पटैल और एएनएम रेबेका चौधरी ने जांच में पाया कि बालक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित है।
इस जानकारी को तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया, जिसके बाद जिला अस्पताल में विशेषज्ञों से परामर्श लेकर बालक के उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में आरबीएसके नोडल अधिकारी डॉ. अमजद खान और जिला प्रबंधक श्री सुभाष शुक्ला ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयुष का आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीयन कराया।
परिजनों की सहमति के बाद बालक को जबलपुर के बडेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 अप्रैल 2026 को उसकी सफल और निःशुल्क हृदय सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद आयुष अब स्वस्थ है और परिवार में खुशी का माहौल है।
बालक के परिजनों ने इस जीवनरक्षक उपचार के लिए मध्यप्रदेश शासन, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम एवं संबंधित चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की योजनाएं सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।


