डिंडोरी समनापुर सी टाइम्स । डिंडोरी जिले में इन दिनों लगातार बढ़ते तापमान का प्रभाव सीधे तौर पर देखने को मिल रहा है लोग भीषण गर्मी से राहत पाने अनेकों जतन करते हुए देखे जा सकते हैं जानकारों की माने तो अभी तो गर्मी की तपन कम है जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगी फिलहाल आपको बतला दे जिला प्रशासन के द्वारा जिले वासियों को गर्मी के ताप से बचाने कुछ सुझाव जारी किए गए हैं लोग अगर इनका पालन करते हैं तो लू सहित अन्य परेशानियों से बचे रहेंगे । लेकिन जिले के समनापुर जनपद पंचायत कार्यालय में कुछ और मामला चलाया जा रहा है यहाँ तपती गर्मी में लोगों के लिए जीवन के लिए पानी को सबसे बड़े सहारे के रूप में देखा जाता है। यहाँ कार्यालय में कार्य करने बाले ही ही प्यास से जूझते नजर आते है। कार्यालय के हालात इतने खराब हैं यहां पदस्थ कर्मियों को अपने कंठ की आग बुझाने के लिए लंबा फासला तय करना पड़ता है स्थिति तब और भयाभय हो जाती है जब जनपद पंचायत कार्यालय में अपना कार्य लेकर पहुचंने वाले ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए मजबूरी में भटकना पड़ता है। होटल संचालक बिना चाय नाश्ता के पानी नही देते मतलब साफ है एक गिलास पानी पीना है तो या चाय नही तो नाश्ता करना पड़ेगा सवाल यह उठता है कि अगर किसी गरीब ग्रामीण के पास चाय नाश्ते के लिए पैसा नहीं है तो उसे अपने कंठ की प्यास बुझाने किस प्रकार परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा जानकारों की माने तो समनापुर
जनपद कार्यालय, जिसे प्रशासन का मुख्य केंद्र माना जाता है, वहीं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव अनेकों सवाल खड़े करता है। दिनभर काम के चलते कार्यालय में रहने वाले ग्रामीण अपने तेज धूप का सफर तय कर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचते हैं जहाँ उन्हें अपना कार्य करवाने घंटों इंतजार भी करना पड़ता है इस दौरान लगी प्यास बुझाने तक की समुचित व्यवस्था नहीं मिल पाती है।साथ ही कार्यालय में स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब स्वच्छता व्यवस्था पर लापरवाही बर्ती जा रही हो यहाँ नजर डालें तो। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए शौचालय बदहाल स्थिति में हैं और उपयोग के लायक नहीं बचे। मजबूरी में कर्मचारी और ग्रामीण खुले में या इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं, जो स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जनपद स्तर पर ही ऐसी लापरवाही है, तो गांवों में चल रही योजनाओं की स्थिति क्या होगी?
इनका कहना है, , , ,
पंवती कुशराम जनपद अध्यक्ष
तत्काल पेयजल की स्थायी व्यवस्था, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
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