April 16, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

जनजातीय छात्रावासों में अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव बढ़ाएं, सीएम मोहन यादव ने दिए अहम निर्देश



भोपाल, 15 अप्रैल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आवासीय आश्रमों में शैक्षणिक लगन और देशभक्ति का सकारात्मक माहौल तैयार करें।

राज्य सचिवालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन संस्थानों को न केवल बुनियादी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, बल्कि छात्रों में अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी बढ़ावा देना चाहिए।

यादव ने कहा, “छात्रावासों और आश्रमों में शैक्षणिक लगन और देशभक्ति का एक सकारात्मक माहौल बनाया जाना चाहिए। ये संस्थान आदिवासी छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाते हैं।”

उन्होंने इन छात्रावासों और आश्रमों के समग्र कामकाज को बेहतर बनाने के लिए, इनके प्रबंधन और निगरानी में जन अभियान परिषद और गायत्री परिवार जैसे सामाजिक और स्वैच्छिक संगठनों को शामिल करने का भी सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने इन सुविधाओं में भोजन पकाने, साफ-सफाई और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “भोजन पकाने, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। संवेदनशील और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रशिक्षण और निगरानी प्रणालियाँ विकसित की जानी चाहिए।”

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश भर में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा लगभग 3,000 आश्रम और छात्रावास चलाए जा रहे हैं।

इसके अलावा, लगभग 2,000 ऐसे संस्थान अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं, जो वंचित समुदायों के छात्रों की जरूरतों को पूरा करते हैं।

मध्य प्रदेश के जनजातीय कल्याण और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास, प्राथमिक से लेकर कॉलेज स्तर तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मुफ्त आवासीय सुविधाएं प्रदान करते हैं; जिनमें रहने की जगह, भोजन, बिजली, पानी, बिस्तर और फर्नीचर शामिल हैं।

इनमें प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और कॉलेज छात्रावास शामिल हैं। ये सुविधाएं पुस्तकालय, शैक्षणिक सहायता, खेल के बुनियादी ढांचे और एक व्यवस्थित वातावरण भी प्रदान करती हैं, ताकि सुरक्षित, समावेशी और समग्र शैक्षणिक विकास सुनिश्चित किया जा सके, विशेष रूप से दूरदराज और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे में सुधार करना, प्रबंधन प्रक्रियाओं को मजबूत बनाना और यह सुनिश्चित करना था कि छात्रावास और आश्रम छात्रों के समग्र विकास के लिए सुरक्षित और समृद्ध स्थान बनें।

अन्य ख़बरें

गर्मियों में खतरनाक डायबिटीज को लेकर लापरवाही, संतुलित आहार और सही कैलोरी काउंट से बनेगी बात

Newsdesk

जम्मू: ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 27 मामलों में वांछित गिरफ्तार

Newsdesk

ओडिशा: 71.74 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति गिरफ्तार

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading