April 18, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

महिला आरक्षण कानून 2023 के संबंध में अब अधिसूचना जारी करना ‘गलतियों की हास्य कथा’ : महुआ मोइत्रा



नई दिल्ली, 17 अप्रैल  महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी किए गए नोटिफिकेशन और परिसीमन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भाजपा सरकार पर तंज कसा।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “इस देश की महिलाएं इतनी भी नासमझ नहीं है कि एक ऐसा कानून जो पहले ही पास हो चुका है, उसे अब किसी और चीज से जोड़ा जाए। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत का हिस्सा 24 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी किया जा रहा है। इन दोनों मुद्दों को आपस में जोड़ने की कोशिश केंद्र सरकार कर रही है। परिसीमन, महिला आरक्षण बिल का हिस्सा नहीं है। यहां तक कि सरकार ने खुद भी महिला आरक्षण बिल में कहा था कि यह जनगणना पर आधारित होगा। आज आप कह रहे हैं कि यह मौजूदा जनगणना पर नहीं, बल्कि 2011 की जनगणना पर आधारित होगा।”

महिला आरक्षण कानून 2023 के संबंध में सरकार द्वारा जारी अधिसूचना पर महुआ मोइत्रा ने कहा ,”यह साफ तौर पर एक ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ (गलतियों की हास्य कथा) है। ऐसा लगता है कि कानून और न्याय विभाग को अचानक से यह एहसास हुआ, बिल्कुल किसी ‘यूरेका’ (अचानक मिली सूझ) वाले पल की तरह कि जिस बिल में वे संशोधन करने की योजना बना रहे थे, वह तो अभी तक लागू ही नहीं हुआ था, क्योंकि उसे अधिसूचित ही नहीं किया गया था। ऐसा लगता है कि किसी ने उन्हें यह याद दिलाया कि वे संशोधन पर तो चर्चा कर रहे थे, लेकिन असल बिल को अभी तक अधिसूचित ही नहीं किया गया था। इसके बाद, उसे जल्दबाजी में अधिसूचित किया गया।”

महिला आरक्षण बिल पर टीएमसी सांसद कीर्ति झा आजाद ने कहा, “मेरा कहना यह है कि अभी महत्वपूर्ण चुनाव चल रहे हैं। संसद के 81 सदस्य व्यस्त हैं। ऐसे में संशोधन बिल अभी क्यों लाया गया? इसे चार-पांच दिन बाद भी लाया जा सकता था। वैसे भी चुनाव 29 तारीख को खत्म हो रहा था, लेकिन उन्हें इतनी जल्दी क्या थी? वे इसे यह सोचकर लाए कि महिलाएं उन्हें वोट देंगी, लेकिन इसका उल्टा ही असर होगा।”

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “हमारी रणनीति पहले दिन से ही साफ़ रही है। सबसे पहले जनगणना कराओ, उसे ठीक से लागू करो और फिर परिसीमन आयोग बनाओ और उसी के हिसाब से सारी संबंधित प्रक्रियाएं पूरी करो। लेकिन, सरकार ऐसा करने को तैयार नहीं हैं। असल बात यह है कि यह सरकार इवेंट मैनेजमेंट में लगी हुई है। अभी, वे ‘नारी शक्ति’ और ‘नारी वंदन’ के नाम पर एक बड़ा अभियान चला रहे हैं। शाम तक वे सार्वजनिक जगहों पर पुतले जलाने लगेंगे और यह दावा करेंगे कि विपक्ष इसके खिलाफ है।”

कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने कहा, ” यह महिलाओं के आरक्षण के लिए बिल नहीं है, यह परिसीमन के लिए बिल है। सबसे पहले, उन्हें यह बात माननी चाहिए। वे इसे मान नहीं रहे हैं। पूरे देश में यह धारणा बनी हुई है कि यह महिलाओं के लिए बिल है। इसलिए, यह साफ किया जाना चाहिए कि यह महिलाओं के आरक्षण का बिल नहीं है।”

अन्य ख़बरें

दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के रुख की आलोचना की

Newsdesk

दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश

Newsdesk

ओंकारेश्वर में भव्य ‘एकात्म पर्व’ का आगाज! 5 दिन तक चलेगा आध्यात्मिक महाकुंभ, CM मोहन करेंगे शुभारंभ

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading