भागीरथी परिवार का चतुर्थ वार्षिक उत्सव भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न
जबलपुर। सभी के भागीरथी प्रयासों से ही, संकल्प की पूर्णता हो सकती है। यह बात चरितार्थ होती है शहर की पहचान बन चुके भागीरथी परिवार के साथ। जो प्रति माह धर्म, आध्यात्म और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित करता है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्था की श्रीमती नीता शर्मा ने बताया कि ईश्वर की असीम कृपा, वरिष्ठजनों के आशीर्वाद और सभी भागीरथी भक्तों की श्रद्धा-भक्ति से ओतप्रोत वातावरण में भागीरथी परिवार का चतुर्थ वार्षिक उत्सव विगत दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। इस वर्ष आयोजन का सौभाग्य श्रीमती पूनम डा एवं लखन अग्रवाल जी के निवास स्थान को प्राप्त हुआ, जहां पूरे अग्रवाल परिवार ने अतिथियों के स्वागत-सत्कार में कोई कमी नहीं रखी।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ, जिसमें सभी भक्तों का चुनरी ओढ़ाकर, तिलक लगाकर एवं गजरा पहनाकर अभिनंदन किया गया। यह दृश्य भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत कर रहा था।
भागीरथी परिवार द्वारा इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सनातन धर्म की परंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी में भक्ति एवं संस्कारों का संचार करना है। विशेष रूप से मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही, जिन्होंने भक्ति की इस धारा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
उत्सव के दौरान सजे भव्य दरबार, मनमोहक सजावट और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। भजन-कीर्तन, नृत्य, कव्वाली, हास्य-परिहास और रोचक प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रमों ने वातावरण को जीवंत बनाए रखा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता कर भरपूर आनंद उठाया।
सी टाइम्स के सौजन्य से बीते चार वर्षों की इस भक्तिमय यात्रा को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। इसके साथ ही सरप्राइज प्रश्नोत्तरी में विजेताओं को बधाई स्वरूप शगुन प्रदान किया गया, जिससे उत्साह और भी बढ़ गया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती के साथ हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ भक्ति में लीन होकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
समग्र रूप से यह उत्सव भक्ति, संस्कृति, एकता और उल्लास का अद्भुत संगम साबित हुआ, जो लंबे समय तक सभी के हृदय में स्मरणीय बना रहेगा।


