250 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, दो आरोपी गिरफ्तार, तीन अब भी फरार
जबलपुर। रांझी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि 32 वर्षीय क्लेरेंस उर्फ राजा की हत्या संपत्ति विवाद के चलते रची गई साजिश का नतीजा थी। इस मामले में पिता के कहने पर बेटे ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
जांच में पता चला कि रायपुर के पास स्थित करीब 15 एकड़ जमीन को लेकर क्लेरेंस एडकिन्स और बाबा नेल्सन के बीच विवाद चल रहा था। जमीन के सौदे और रजिस्ट्री को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता गया। क्लेरेंस ने इस मामले में सिविल सूट दायर कर रखा था, जिसे वापस लेने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार बाबा नेल्सन ने अपने बेटे प्रिंस नेल्सन को क्लेरेंस की हत्या के लिए उकसाया। इसके बाद प्रिंस ने अपने साथियों—मोहित ठाकुर, अर्पित कुशवाहा और अरुण रैकवार—के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई।
23 अप्रैल की सुबह सभी आरोपी दो मोटरसाइकिलों से निकले। पहले दो आरोपियों ने क्लेरेंस के घर से निकलने की सूचना दी, जिसके बाद प्रिंस और अर्पित ने पीछा कर शिव शक्ति चौराहे के पास चलती बाइक पर ही क्लेरेंस को गोली मार दी और फरार हो गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार
पुलिस टीम ने दबिश देकर अरुण रैकवार और मोहित ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
फरार आरोपियों में प्रिंस नेल्सन, अर्पित कुशवाहा और विकास उर्फ बाबा नेल्सन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।
धमकी के बाद हुई वारदात
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ दिन पहले ही क्लेरेंस के साथी को वीडियो कॉल पर धमकी दी गई थी कि अगर केस वापस नहीं लिया गया तो गोली मार दी जाएगी। इसके बाद ही हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।
पुलिस का दावा—जल्द होंगे सभी गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।


