जबलपुर। शहर में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को लेकर नगर निगम अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गोयल के नेतृत्व में बाजार और फूड जोन क्षेत्रों में व्यापक छापेमार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा लापरवाही बरतने वाले प्रतिष्ठानों पर अंकुश लगाना रहा।
सदर चौपाटी, जो शहर का एक प्रमुख और व्यस्त खानपान केंद्र है, वहां की गई जांच में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। जांच के दौरान मनीष डोसा वाले नामक प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया। यहां साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी और आवश्यक लाइसेंस शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया और 3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इसी प्रकार मधु कलश प्रतिष्ठान में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ वातावरण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई। निरीक्षण टीम को यहां खाद्य सामग्री के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही देखने को मिली, जो सीधे तौर पर ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती थी। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की।
नगर निगम मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गोयल ने स्पष्ट कहा कि शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, अन्यथा आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों की सराहना भी की गई। विशेष रूप से ‘ओवन क्लास फैक्ट्री’ में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसके लिए टीम ने संचालकों की प्रशंसा की। अधिकारियों ने इसे अन्य व्यापारियों के लिए एक उदाहरण बताया।
नगर निगम की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया है कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में भी इस प्रकार की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि जबलपुर के नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।


