जबलपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। सम्पत उपाध्याय (पुलिस अधीक्षक, जबलपुर) के निर्देश पर 25 अप्रैल की रात से 26 अप्रैल की तड़के सुबह तक जिलेभर में व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने मिलकर वर्षों से फरार आरोपियों की तलाश में छापेमार कार्रवाई की।
इस अभियान का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें सभी नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। रात 9 बजे से सुबह 2 बजे तक चले इस अभियान में जिले को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर टीमें बनाई गईं, जिनका नेतृत्व थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने किया।
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। कई वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ करते हुए कुल 263 वारंट तामील किए गए। इनमें गैर-जमानती, गिरफ्तारी और जमानती वारंट शामिल हैं। अधिकांश आरोपी लंबे समय से कानून से बचते फिर रहे थे, जिन्हें अब गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और कानून का पालन सुनिश्चित कराना पुलिस की प्राथमिकता है। लंबे समय से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी से निश्चित रूप से जिले में अपराधों पर अंकुश लगेगा।
इस दौरान पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुसाफिरखानों में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया। देर रात घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और वाहनों की जांच की गई। साथ ही सक्रिय गुंडे-बदमाशों पर निगरानी रखते हुए उन्हें सख्त चेतावनी दी गई।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कॉम्बिंग गश्त आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि जबलपुर में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।


