जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में गेहूं उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए आने वाले दिनों में उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे किसानों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी भी लेंगे।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किसी भी समय, किसी भी जिले में उतर सकता है, जिससे प्रशासनिक अमले में सतर्कता बढ़ गई है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं समय पर और सही तरीके से मिल रही हैं या नहीं।
सरकार की ओर से उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। साथ ही किसानों को अपनी उपज किसी भी केन्द्र पर बेचने की सुविधा दी गई है, ताकि उन्हें परेशानी न हो।
गेहूं की तौल में देरी न हो, इसके लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है और आवश्यक उपकरण जैसे बारदाना, मशीनें, कंप्यूटर और गुणवत्ता जांच के साधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
राज्य सरकार द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसमें 40 रुपये बोनस जोड़कर किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित स्लॉट बुकिंग के अनुसार अपनी उपज लेकर उपार्जन केन्द्रों पर पहुंचें और शासन की सुविधाओं का लाभ उठाएं।


