चंडीगढ़, 29 अप्रैल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को 1 मई को होने वाले पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को फिजूलखर्ची और सरकारी खजाने पर बोझ बताया।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग न केवल अपनी कमजोर होती पार्टी और अस्थिर विधायकों को संभालने के लिए कर रही है, बल्कि पंजाब में अपनी नाकामियों, अक्षमता, टूटे वादों, माफिया राज, गुंडागर्दी और जबरन वसूली के जाल से उपजे बढ़ते जन आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए भी कर रही है।
चुघ ने कहा कि इस तरह का सत्र बुलाने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को जनता को बताना होगा कि उनके तथाकथित ‘परिवर्तन’ ने चार वर्षों में क्या हासिल किया है। भ्रष्टाचार, अराजकता और आंतरिक कलह ने उनकी अपनी पार्टी को गहरे अविश्वास में धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाकई गंभीर है, तो उसे मजदूर दिवस पर दिखावा करना बंद करना चाहिए और तुरंत महंगाई भत्ता और कर्मचारियों के लंबित भुगतान के रूप में 15,000 करोड़ रुपए जारी करने चाहिए।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों को निशाना बनाते हुए चुघ ने कहा कि दोनों पार्टियां पंजाब में एक तय राजनीतिक मुकाबले में लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में दोस्त हैं और पंजाब में प्रतिद्वंद्वी होने का नाटक करते हैं, जनता को गुमराह करते हैं। विपक्ष के रूप में कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर निशाना साधते हुए चुघ ने कहा कि बाजवा को मुख्यमंत्री के चुटकुलों पर ताली बजाना बंद करना चाहिए और आम आदमी पार्टी की लूट की साजिश का हिस्सा बनने के बजाय सरकार से सवाल करने पर ध्यान देना चाहिए।
चुघ ने आगे कहा कि सच्चाई यह है कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के पापों से पैदा हुई और कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सत्ता में आई। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पार्टियों ने 2024 के लोकसभा चुनाव एक साथ लड़े थे।
‘गद्दार’ वाली बातों का जवाब देते हुए चुघ ने कहा कि पंजाब जानता है कि असली गद्दार कौन हैं। उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिन्होंने राज्य के सपनों को चकनाचूर किया, खनन माफिया को 20,000 करोड़ रुपए की लूट करने में सक्षम बनाया और युवाओं का भविष्य छीन लिया।
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