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April 30, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

ईरान की चेतावनी: अमेर‍िका की ‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी’ जल्‍द अनोखी सैन्य कार्रवाई का सामना करेगी



तेहरान, 29 अप्रैल । ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने बुधवार को बताया कि अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ ‘समुद्री नाकेबंदी’ के रूप में जारी कथित ‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी’ को जल्द ही ‘व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई’ का सामना करना पड़ेगा।



स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी ने एक बड़े सिक्योरिटी सोर्स के हवाले से बताया क‍ि ईरान की सशस्त्र सेनाओं का कहना है कि ‘धैर्य की भी एक सीमा होती है,’ और अगर अमेरिका अपनी ‘गैरकानूनी’ समुद्री नाकेबंदी को होर्मुज स्‍ट्रेट में जारी रखता है तो उसे ‘कड़ा जवाब’ देना जरूरी होगा।

सूत्र के अनुसार, अगर अमेरिका अपनी ‘हठ और भ्रम’ पर अड़ा रहता है और ईरान की शर्तों को नहीं मानता, तो ‘दुश्मन’ को जल्द ही नौसैनिक नाकेबंदी के जवाब में एक अलग तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिसे उन्होंने ‘समुद्री डकैती जैसा’ बताया।

इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी जहाजों को जब्त करने की अमेरिका की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा कि यह “कानूनी व्यापार में गैरकानूनी दबाव और दखल” है, ऐसा अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया।

इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को एक पत्र में कहा कि अमेरिका की ओर से ईरानी जहाजों को पकड़ना ‘समुद्री डकैती’ के बराबर है।

वहीं, अमेरिका के जिला अटॉर्नी (वाशिंगटन डीसी) जीनीन पिरो ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में दो जहाजों ‘एमटी मजेस्‍टि‍क’ और ‘एमटी टिफनी’ को जब्त करने और उनमें मौजूद 3.8 मिलियन बैरल ईरानी तेल को ‘लेने’ की बात स्वीकार की।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज स्‍ट्रेट में यह नाकेबंदी उस समय लगाई जब 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत के बाद कोई समझौता नहीं हो सका।

आठ अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू हुआ था, जो 40 दिनों की लड़ाई के बाद हुआ। यह लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान और उसके कई शहरों पर हमले किए थे, जिसमें ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडर और आम नागरिक मारे गए थे।

इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए और होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

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