नई दिल्ली, 2 मई । पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच पुनर्मतदान और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग शहरों से भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधते हुए चुनाव आयोग के फैसलों का समर्थन किया है।
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आईएएनएस से कहा, “टीएमसी चुनाव पहले ही हार चुकी है, यह साफ है। अब वह ड्रामा कर रही है। कभी स्ट्रॉन्ग रूम में घुसती है, तो कभी अदालत का दरवाजा खटखटाती है।”
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल चुनाव में एक पैटर्न साफ दिख रहा है। जब वे हारते हैं तो शिकायत करते हैं और जब जीतते हैं तो मुद्दों को भुला देते हैं। जो पहले बहादुरी दिखाते थे, अब बहाने बना रहे हैं। कभी मशीनों पर हमला बताकर आरोप लगाते हैं, कभी स्ट्रॉन्ग रूम को मुद्दा बनाते हैं, तो कभी चुनाव आयोग के पास पहुंच जाते हैं।”
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पुनर्मतदान को लेकर कहा, “चुनाव कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का अधिकार है। जहां प्रक्रिया में गड़बड़ी मिलती है, वहां पुनर्मतदान कराना नियम का हिस्सा है। इस पर आपत्ति करने की कोई जरूरत नहीं है।”
वहीं, कोलकाता में भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जिन सीटों पर ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। कहा गया कि कैमरों को घुमा दिया गया था और ईवीएम पर गुप्त रूप से स्टिकर लगाए गए, ताकि वोट केवल टीएमसी को जाए। इसी वजह से चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया, जो सही कदम है।”
बता दें कि पहले चरण में 152 सीटों पर चुनाव हुए थे और दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोट डाले गए थे। अब 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी और चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे।


