जयपुर, 2 मई । नीट-यूजी 2026 से ठीक पहले एक दुखद घटना सामने आई है। शनिवार सुबह राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे 20 साल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान दीक्षित प्रसाद के रूप में हुई है। वह परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर परीक्षा से एक दिन पहले अपने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी। यह परीक्षा 3 मई को होनी है।
अधिकारियों को सुबह के समय इस घटना की जानकारी मिली। मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला दीक्षित, नीट-यूजी की तैयारी के दौरान कुन्हाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक हॉस्टल में रह रहा था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरे इलाके और साथी छात्रों में सदमे की लहर दौड़ गई है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में ले लिया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
जांचकर्ता सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें परीक्षा से जुड़ा तनाव और अन्य व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है, और उनके पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को निर्धारित है। इसे देखते हुए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर आखिरी समय की परेशानियों से बचाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं।
एजेंसी ने गुरुवार को जारी एक सार्वजनिक सूचना में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड और परीक्षा में ले जाने की अनुमति वाली वस्तुओं का विवरण दिया गया है।
एनटीए ने सभी उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू और बिना किसी परेशानी के संपन्न कराने के लिए इन दिशानिर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
निर्देशों के मुताबिक, उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में केवल पारदर्शी पानी की बोतलें ले जाने की अनुमति है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुएं कुछ शर्तों के तहत ले जाने की अनुमति है। जो उम्मीदवार धार्मिक या आस्था से जुड़ी वस्तुएं पहनकर आते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र पर उचित तलाशी के लिए पर्याप्त समय मिल सके, इसके लिए उन्हें जल्दी रिपोर्ट करना होगा।


