बाघराज/सिलादेही। सहकारी समिति सिलादेही द्वारा संचालित गेहूं खरीदी केंद्र बाघराज स्थित अरिहंत वेयर हाउस में अव्यवस्थाओं का अंबार लग गया है। खरीदी केंद्र पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हालत यह है कि वेयरहाउस परिसर में जगह कम पड़ने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार राष्ट्रीय राजमार्ग-44 तक पहुंच गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
इसी अव्यवस्था के बीच जमुनिया गांव का एक किसान ट्रैक्टर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। घटना के बाद अन्य किसानों में भी दहशत का माहौल है और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
दोपहर में अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने हालात को और बदतर कर दिया। खुले में रखा करीब 2500 क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। वेयरहाउस परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी भर गया और उपज सुरक्षित नहीं रह सकी।
स्थिति यह है कि 60 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कई दिनों से खरीदी केंद्र के बाहर खड़ी हैं। कई किसान 4 से 5 दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
केंद्र प्रभारी भीकम सनोदिया ने बताया कि वेयरहाउस प्रबंधन और हमालों के बीच विवाद के चलते खरीदी कार्य बार-बार बाधित हो रहा है। हमालों से आधार कार्ड की मांग और किसी गड़बड़ी की स्थिति में भरपाई की जिम्मेदारी डाले जाने से नाराज हमाल 22 अप्रैल से काम पर नहीं आ रहे हैं। बीच में व्यवस्था कुछ संभली थी, लेकिन अब फिर से काम ठप हो गया है।
15 अप्रैल से अब तक केवल लगभग 6969 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो सकी है, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है। किसानों का आरोप है कि खरीदी की रफ्तार बेहद धीमी है और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब किसानों को इस अव्यवस्था से राहत मिलेगी।


