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बालाघाट। जिले के अग्रणी महाविद्यालय जे.एस.टी. पी.जी. कॉलेज, बालाघाट के वर्चुअल कक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बालाघाट द्वारा जिला स्तरीय राष्ट्रशिल्पी प्रमुख जन गोष्ठी (शिक्षक श्रेणी) का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बालाघाट के माननीय जिला संघ चालक श्री वैभव कश्यप उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में महाकौशल प्रांत इतिहास संकलन समिति के प्रांत उपाध्यक्ष श्री आनंद सिंग राणा ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़ी मातृशक्ति सहित लगभग 180 शिक्षकों , प्राध्यापकों एवं कोचिंग संचालको ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गोष्ठी का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ हुआ।
प्रारंभ में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अविनाश सहारे , जिला संपर्क प्रमुख ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मंच संचालन डॉ. सुंदर बिसेन, सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया मुख्य वक्ता श्री आनंद राणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक एक “राष्ट्र शिल्पी” है, जिसकी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट समाज के निर्माण का दायित्व शिक्षकों पर ही निर्भर करता है।
उन्होंने आचार्य चाणक्य का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने एक साधारण बालक को शिक्षा के माध्यम से असाधारण बनाकर अत्याचारी धनानंद का अंत कराया। साथ ही, राष्ट्र को पुनः परम वैभव तक पहुँचाने एवं आदर्श समाज की स्थापना के लिए “पंच परिवर्तन” — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी तथा नागरिक कर्तव्य — की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उद्बोधन के अंत में शिक्षाविदों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन डॉ. गीतेश पटले, जिला महाविद्यालयीन कार्य प्रमुख द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


