**छपारा (सिवनी):** ग्राम पंचायत सुआखेडा में विकास कार्यों के बजाय फिजूलखर्ची और बिलों के खेल के जरिए सरकारी राशि के बंदरबांट का मामला सामने आया है। सरपंच और सचिव पर आरोप है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस और अन्य आयोजनों के नाम पर निजी दुकानों से सांठगांठ कर मोटी रकम के बिल थमाए हैं, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे हैं।
*लाखों के ‘फर्जीवाड़े’ की कहानी, बिलों की जुबानी**
पंचायत द्वारा भुगतान किए गए बिलों के विवरण से स्पष्ट होता है कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा किस तरह पानी की तरह बहाया गया है:
*टेंट हाउस का भारी-भरकम बिल:** गणेश टेंट हाउस के माध्यम से **₹15,650** का बिल बनाया गया है, जिसमें पंखे, कूलर और जनरेटर जैसी चीजों का भारी किराया दिखाया गया है।
* **खान-पान पर लुटाए पैसे:** जैन होटल से बूंदी, मिठाई और नमकीन के नाम पर कुल **₹11,920** का भुगतान किया गया। एक ही दिन में इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई का वितरण संदेहास्पद है।
* **किराना सामग्री का खेल:** लक्ष्मी किराना एवं जनरल स्टोर्स से **₹11,895** की सामग्री खरीदी गई, जिसमें तेल के डिब्बे, चावल, दाल और यहां तक कि चूना-डिस्पेंपर जैसी चीजें शामिल हैं।
* **फूल और सजावट:** श्री पूजा पुष्प केन्द्र से फूलों और गुलदस्तों के नाम पर **₹1,100** का अतिरिक्त बिल लगाया गया है।
**हस्ताक्षर एक, दुकानें अनेक**
इन सभी बिलों में एक खास बात गौर करने वाली है—सभी पर सरपंच **शशि इनवाती** और संबंधित सचिव के सील-सिक्के मौजूद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर कार्यक्रम इतने भव्य नहीं थे, जितने कागजों पर बिल दिखाए गए हैं। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की आड़ में इस तरह की ‘लूट’ प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है।
**जांच की मांग**
सुआखेडा के जागरूक नागरिकों ने अब जिला प्रशासन और जनपद पंचायत छपारा के आला अधिकारियों से इन बिलों की भौतिक जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो भ्रष्टाचार का यह बड़ा खेल उजागर हो सकता है।


