कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत सिविल अस्पताल बैहर में हृदय रोग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
यह शिविर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए आयोजित किया गया था। शिविर में जबलपुर से आए शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के. एल. उमा माहेश्वर ने अपनी सेवाएं देते हुए कुल 52 बच्चों की ईको जांच की।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनंत लिल्हारे ने जानकारी दी कि जिले के तीन विकासखंडों से चिन्हित लगभग 54 बच्चों को शिविर में बुलाया गया था, जिनमें से 52 बच्चे उपस्थित हुए। जांच के बाद 13 बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया, जबकि 2 बच्चों को उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर किया गया। इसके अलावा 5 बच्चों को 6 माह बाद पुनः जांच के लिए बुलाया गया, 10 बच्चों का सर्जरी उपरांत फॉलोअप किया गया और 22 बच्चे सामान्य पाए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उपलप ने बताया कि आगामी शिविर 8 मई को डीईआईसी (जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र) में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जबलपुर और मुंबई के हृदय रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। इस शिविर में जिले भर से लगभग 160 चिन्हित बच्चों की जांच की जाएगी।
शिविर के सफल संचालन हेतु जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक आरबीएसके राजाराम चक्रवर्ती को नोडल अधिकारी बनाया गया था। कार्यक्रम में डॉ. इंद्रजीत बिसेन, डॉ. धनराज कोकोड, डॉ. गोपिका पी. नायक सहित आरबीएसके टीम के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों—डॉ. भारती ठाकरे, डॉ. यशवंती धुर्वे, डॉ. शिव पटले, डॉ. बीना वरकड़े, डॉ. नूतन टेंभरे, डॉ. प्रियंका बाला ठाकुर, श्रीमती अर्चना वासनिक (बीपीएम), श्रीमती सरोज ठाकुर (बीईई), श्रीमती सीमा दीक्षित (नर्सिंग ऑफिसर), श्री यशवंत सिंह (फार्मासिस्ट), रामस्वरूप फार्मासिस्ट, सुश्री यामिनी ठाकरे (डाटा एंट्री ऑपरेटर) तथा एएनएम एवं सीएचसी स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शिविर का समापन सफलतापूर्वक हुआ, जिससे हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
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समाचार क्रमांक -015/409/2026/अनिल पटले


