जबलपुर। शहर सहित पूरे मध्य प्रदेश में सोमवार से 108 एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो सकती है। लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर के 108 एंबुलेंस कर्मियों ने कामबंद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में 5000 से अधिक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) और पायलट (ड्राइवर) इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। जिले में ही करीब डेढ़ सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों ने कई स्थानों पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन भी किया और सरकार व संबंधित एजेंसियों को चेताया कि यदि सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो एंबुलेंस सेवाएं ठप कर दी जाएंगी।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा उनके भविष्य निधि (EPF) की राशि भी नियमित रूप से जमा नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद 5 साल पूरा होने पर ग्रेच्युटी का लाभ न मिले, इसके लिए उन्हें अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से काम पर रखा जाता है, जो श्रम कानूनों के खिलाफ है।
कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे 24 घंटे काम लिया जाता है, जो निर्धारित कार्य समय और विश्राम नियमों का उल्लंघन है। साथ ही बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को हटाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। वेतन, सेवा शर्तों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
कर्मचारियों ने एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली जेएएसएस एजेंसी और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो सोमवार से 108 एंबुलेंस के पहिए थम जाएंगे।
यदि हड़ताल होती है, तो इसका सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा और मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


